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📊 छात्र संख्या पंजिका (Student Enrollment Register)

कक्षा 1 से 8 संवर्गवार एवं लिंगवार छात्र संख्या संकलन पंजिका

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STUDENTS ENROLLMENT REGISTER
CLASS SCHEDULED CASTE (SC) SCHEDULED TRIBE (ST) OTHER BACKWARD CLASS (OBC) GENERAL (GEN) GRAND TOTAL
BOYSGIRLSTOTAL BOYSGIRLSTOTAL BOYSGIRLSTOTAL BOYSGIRLSTOTAL BOYSGIRLSTOTAL
PRIMARY TOTAL (1-5) 000 000 000 000 000
UPPER PRIMARY (6-8) 000 000 000 000 000
GRAND TOTAL (1-8) 000 000 000 000 000

परिषदीय एवं संविलियन विद्यालय छात्र नामांकन पंजिका (Student Enrollment Register): नियम, वर्गीकरण एवं UDISE+ डेटा प्रबंधन गाइड

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन (कम्पोजिट) विद्यालयों में छात्र नामांकन पंजिका (Student Enrollment Register) विद्यालयी प्रशासन का सर्वप्रमुख वैधानिक एवं सांख्यिकीय अभिलेख है। विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र-छात्रा की कक्षा-वार, जाति-वार (सामाजिक संवर्ग) तथा लिंग-वार संख्या का सटीक संकलन न केवल विद्यालय स्तर पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य है, बल्कि यह केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का मूल आधार होता है।

निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009), मध्याह्न भोजन योजना (MDM), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), समग्र शिक्षा अभियान और भारत सरकार के यू-डायस प्लस (UDISE+) पोर्टल पर वास्तविक समय में डेटा फीडिंग हेतु प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारियों को इस छात्र संकलन तालिका की निरंतर आवश्यकता होती है[cite: 5]। प्रस्तुत मार्गदर्शिका में छात्र नामांकन वर्गीकरण, संकलन के नियम, विधिक प्रावधानों तथा शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) से संबंधित समस्त तकनीकी पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है[cite: 5]।

1. छात्र नामांकन पंजिका का विधिक एवं प्रशासनिक महत्व

विद्यालय स्तर पर छात्र संकलन केवल साधारण गणना नहीं है; यह निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सीधे निर्धारित करता है[cite: 5]:

2. सामाजिक संवर्ग (Category-wise) एवं लैंगिक (Gender-wise) वर्गीकरण के मानक

शासन और यू-डायस प्लस (UDISE+) प्रणाली के अंतर्गत छात्रों का वर्गीकरण अत्यंत सूक्ष्म और पारदर्शी होना आवश्यक है[cite: 5]। पंजिका में 4 प्रमुख सामाजिक श्रेणियां और 2 लैंगिक श्रेणियां निर्धारित हैं[cite: 5]:

3. विद्यालयी स्तर के अनुसार विभाजन (Primary, Upper Primary & Composite)

उत्तर प्रदेश में विद्यालयों के संविलियन के पश्चात संरचना में परिवर्तन हुआ है, जिसे हमारे टूल में 3 स्तरों में विभाजित किया गया है[cite: 5]:

विद्यालय का प्रकार कक्षा समूह प्रमुख विशेषताएं व योग नियम
प्राथमिक विद्यालय (Primary School) कक्षा 1 से 5 इसमें कक्षा 1 से 5 तक के प्रत्येक संवर्ग का योग करके 'PRIMARY TOTAL (1-5)' निकाला जाता है[cite: 5]।
उच्च प्राथमिक विद्यालय (Upper Primary School) कक्षा 6 से 8 इसमें कक्षा 6, 7 और 8 के संवर्गों का योग करके 'UPPER PRIMARY TOTAL (6-8)' संकलित होता है[cite: 5]।
संविलियन विद्यालय (Composite School) कक्षा 1 से 8 प्राथमिक स्तर (1-5) और उच्च प्राथमिक स्तर (6-8) के पृथक उप-योग के साथ संपूर्ण विद्यालय का 'GRAND TOTAL (1-8)' तैयार होता है[cite: 5]।

4. RTE 2009 के तहत छात्र-शिक्षक अनुपात (Pupil-Teacher Ratio - PTR)

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 25 और अनुसूची के अनुसार छात्र नामांकन के आधार पर ही विद्यालयों में शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जाते हैं[cite: 5]। नामांकन पंजिका के आधार पर शिक्षक मानक इस प्रकार निर्धारित हैं[cite: 5]:

5. यू-डायस प्लस (UDISE+) एवं प्रेरणा पोर्टल के साथ डेटा मिलान

विद्यालय स्तर पर भौतिक छात्र पंजिका (Physical SR Register) और ऑनलाइन पोर्टलों के मध्य शत-प्रतिशत डेटा समानता होना अनिवार्य है[cite: 5]: