💰 शिक्षक एवं कर्मचारी मासिक वेतन कैलकुलेटर (7th Pay Matrix)
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा एवं राज्य कार्मिकों हेतु पे-स्लिप एवं शुद्ध इन-हैंड वेतन गणना
👤 कार्मिक व विद्यालय विवरण
💵 ग्रेड पे, मूल वेतन एवं भत्ता पैरामीटर्स
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद
| कर्मचारी का नाम: - | पदनाम: - | eHRMS कोड: - |
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उत्तर प्रदेश शिक्षक एवं राज्य कर्मचारी वेतन संरचना, 7वां वेतन आयोग एवं मासिक पे-रोल गणना विस्तृत मार्गदर्शिका (FY 2026-27)
उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के प्रवक्ताओं/सहायक अध्यापकों तथा विभिन्न राज्य विभागों के कार्मिकों के लिए मासिक वेतन की पारदर्शी और सटीक गणना अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में 'मानव संपदा' (eHRMS Portal) के पे-रोल मॉड्यूल के लागू होने के पश्चात अब प्रत्येक कर्मचारी का वेतन डिजिटल प्रणाली से प्रोसेस होता है[cite: 5]। वेतन पर्ची (Salary Slip) जारी होने से पूर्व प्रत्येक कार्मिक को 7वें राज्य वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स, समय-समय पर देय महंगाई भत्ते (DA), मकान किराया भत्ते (HRA), नगर प्रतिकर भत्ते तथा मासिक वैधानिक कटौतियों (NPS, GIS, TDS) के नियमों की पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है[cite: 5] [evidence: 1]।
यह मार्गदर्शिका उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों के मासिक सकल वेतन (Gross Salary), शुद्ध वेतन (Net In-Hand Salary), कटौती चक्र एवं वेतन निर्धारण के समस्त वैधानिक नियमों को विस्तार से स्पष्ट करती है[cite: 5] [evidence: 1] [evidence: 2] [evidence: 3]।
1. 7वें वेतन आयोग की पे-मैट्रिक्स व्यवस्था (Pay Matrix System Explained)
पूर्ववर्ती 6ठे वेतन आयोग की 'पे-बैंड एवं ग्रेड पे' प्रणाली को समाप्त कर 7वें वेतन आयोग द्वारा एक द्वि-आयामी (Two-Dimensional) पे-मैट्रिक्स तालिका लागू की गई[cite: 5]। इसमें क्षैतिज स्तर (Horizontal Levels) कर्मचारी के पद व उत्तरदायित्व के स्तर (Level 1 से 10+) को दर्शाते हैं, जबकि ऊर्ध्वाधर सेल (Vertical Cells) वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ बढ़ते हुए मूल वेतन (Basic Pay) को प्रदर्शित करते हैं[cite: 5]।
- लेवल 1 से लेवल 5 (ग्रेड पे 1800 से 2800):
- लेवल 1 (GP 1800): चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (प्रारंभिक बेसिक पे ₹18,000)[cite: 5]।
- लेवल 2 (GP 1900): कनिष्ठ सहायक / कनिष्ठ लिपिक (प्रारंभिक बेसिक पे ₹19,900)[cite: 5]।
- लेवल 3 व 4 (GP 2000 व 2400): वरिष्ठ लिपिक, प्रयोगशाला सहायक एवं तकनीकी पद[cite: 5]।
- लेवल 5 (GP 2800): राजस्व लेखपाल, सहायक लेखाकार (प्रारंभिक बेसिक पे ₹29,200)[cite: 5]।
- लेवल 6 (ग्रेड पे 4200 - PB-2: 9300-34800): परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक (Assistant Teacher - Primary School)। प्रारंभिक मूल वेतन ₹35,400 प्रति माह है[cite: 5]।
- लेवल 7 (ग्रेड पे 4600): उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक एवं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster)। प्रारंभिक मूल वेतन ₹44,900 प्रति माह है[cite: 5]।
- लेवल 8 (ग्रेड पे 4800): उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक तथा अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रवक्ता (PGT संवर्ग)। प्रारंभिक मूल वेतन ₹47,600 प्रति माह है[cite: 5]।
- लेवल 9 एवं 10 (ग्रेड पे 5400): खंड शिक्षा अधिकारी (BEO), राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रवक्ता एवं प्रशासनिक संवर्ग (प्रारंभिक बेसिक ₹53,100 एवं ₹56,100)[cite: 5]।
2. वार्षिक वेतन वृद्धि के नियम (Annual Increment Rules - July vs January)
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष उनके मूल वेतन में 3% की चक्रवृद्धि दर से एक वेतन वृद्धि (Annual Increment) दी जाती है[cite: 5]। 7वें वेतन आयोग में किसी प्रतिशत की अलग से गणना करने की आवश्यकता नहीं होती; इसके लिए पे-मैट्रिक्स के संबंधित कॉलम में वर्तमान सेल के ठीक नीचे वाले अगले सेल को नया मूल वेतन मान लिया जाता है[cite: 5]।
- 1 जुलाई की वेतन वृद्धि: यदि किसी कर्मचारी की नियमित नियुक्ति या पदोन्नति 2 जनवरी से 1 जुलाई के मध्य हुई हो, तो उसे प्रथम वेतन वृद्धि आगामी 1 जुलाई को प्राप्त होती है तथा आगे भी प्रतिवर्ष 1 जुलाई को ही इंक्रीमेंट देय होता है[cite: 5]। Basic शिक्षा में 90% से अधिक शिक्षकों का इंक्रीमेंट जुलाई में लगता है[cite: 5]।
- 1 जनवरी की वेतन वृद्धि: यदि किसी कार्मिक की कार्यभार ग्रहण करने की तिथि 2 जुलाई से 1 जनवरी के मध्य हो, तो उसका इंक्रीमेंट चक्र प्रतिवर्ष 1 जनवरी को संचालित होता है[cite: 5]।
- न्यूनतम अर्हकारी सेवा: किसी भी इंक्रीमेंट को प्राप्त करने हेतु संबंधित तिथि से पूर्व न्यूनतम 6 माह की संतोषजनक एवं अनवरत सेवा पूर्ण होना वैधानिक अनिवार्यता है[cite: 5]।
3. महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) एवं एरियर निर्धारण
मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने हेतु कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान किया जाता है[cite: 5]। इसकी गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा घोषित की जाती है, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अंगीकार किया जाता है[cite: 5] [evidence: 1]।
- गणना का सूत्र:
मासिक DA = (Basic Pay × DA Rate) / 100[cite: 5]। महंगाई भत्ते की गणना सीधे कर्मचारी के वर्तमान मूल वेतन पर की जाती है[cite: 5]। - द्वि-वार्षिक संशोधन चक्र: साल में दो बार (1 जनवरी और 1 जुलाई से प्रभावी) डीए में बढ़ोतरी की जाती है[cite: 5]।
- डीए एरियर (DA Arrear): शासनादेश जारी होने में विलंब होने पर प्रभावी तिथि से लेकर आदेश निर्गत होने के माह तक का अंतर 'डीए एरियर' के रूप में वेतन खाते में एकमुश्त अंतरित किया जाता है[cite: 5]।
4. मकान किराया भत्ता (HRA) एवं नगर वर्गीकरण - शासनादेश 2018
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग के शासनादेश के तहत 7वें वेतन आयोग के अनुरूप संशोधित एचआरए दरें लागू की गई हैं[cite: 5]। यह दरें मूल वेतन के प्रतिशत के बजाय पद के पे-लेवल एवं शहर की श्रेणी के अनुसार निश्चित की गई हैं[cite: 5]:
- श्रेणी 'अ' (Class A - 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगर): लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद आदि[cite: 5] [evidence: 2]। दरें: लेवल 6 हेतु ₹4,040, लेवल 7 हेतु ₹5,520, लेवल 8 हेतु ₹5,620 प्रति माह[cite: 5]।
- श्रेणी 'ब' (Class B - 50 हजार से 5 लाख तक की जनसंख्या वाले जनपद मुख्यालय व नगर पालिकाएं): जिला मुख्यालय, प्रमुख नगर पालिका परिषद तथा छावनी क्षेत्र[cite: 5]। दरें: लेवल 6 हेतु ₹2,020, लेवल 7 हेतु ₹2,760, लेवल 8 हेतु ₹2,810 प्रति माह[cite: 5]।
- श्रेणी 'स' / ग्रामीण (Class C / Rural Area): समस्त ग्राम पंचायतें, ग्रामीण विकास खंड क्षेत्र तथा 50 हजार से कम आबादी वाले क्षेत्र[cite: 5]। परिषदीय विद्यालयों के अधिकांश शिक्षक इसी श्रेणी में आते हैं[cite: 5]। दरें: लेवल 6 हेतु ₹1,340, लेवल 7 हेतु ₹1,840, लेवल 8 हेतु ₹1,870 प्रति माह[cite: 5]।
5. वैधानिक मासिक कटौतियाँ (Monthly Deductions from Gross Pay)
सकल वेतन (Gross Salary) से शुद्ध वेतन (Net In-Hand Salary) तक पहुँचने के लिए शासन द्वारा निर्धारित कटौतियां की जाती हैं[cite: 5]:
- राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS Deduction): कार्मिक के मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ते (DA) के कुल योग का ठीक 10% प्रतिमाह वेतन से काटा जाता है:
NPS Deduction = (Basic Pay + DA) × 10%[cite: 5]। राज्य सरकार द्वारा 14% शासकीय अंशदान अतिरिक्त रूप से प्रान (PRAN) खाते में जमा किया जाता है[cite: 5]। पुरानी पेंशन (OPS) वालों के वेतन से NPS नहीं कटता[cite: 5]। - सामूहिक बीमा योजना (GIS): समूह 'ख' एवं 'ग' के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए सामान्यतः ₹87 प्रति माह की निश्चित कटौती होती है[cite: 5]। अन्य विभागों में पद के अनुसार ₹41, ₹100 या ₹200 की कटौती की जाती है[cite: 5]।
- अग्रिम आयकर / टीडीएस (TDS / Adv. IT): वार्षिक आयकर आगणन के आधार पर आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) द्वारा अनुमानित आयकर देनदारी को 12 महीनों में विभाजित कर प्रतिमाह वेतन से टीडीएस काटा जाता है[cite: 5]।
6. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ - Salary Calculation)
प्रश्न 1: क्या मातृत्व, बाल्य देखरेख (CCL) या मेडिकल अवकाश के दौरान पूरा वेतन मिलता है?
उत्तर: हाँ, मातृत्व अवकाश (Maternity Leave), बाल्य देखरेख अवकाश (CCL) तथा स्वीकृत उपार्जित/चिकित्सा अवकाश की अवधि में कार्मिक को पूर्ण मूल वेतन, डीए तथा नियमानुसार मकान किराया भत्ता देय होता है[cite: 5]। केवल अवैतनिक अवकाश (LWP) की दशा में ही वेतन काटा जाता है[cite: 5] [evidence: 3]।
प्रश्न 2: पदोन्नति (Promotion) होने पर वेतन का निर्धारण कैसे होता है?
उत्तर: पदोन्नति होने पर कार्मिक को वर्तमान स्तर में एक नोशनल इंक्रीमेंट दिया जाता है, उसके पश्चात जो धनराशि आती है, उसके बराबर अथवा ठीक अगले सेल का मूल वेतन पदोन्नत स्तर (Promoted Level) में स्वीकृत किया जाता है[cite: 5] [evidence: 3]।
प्रश्न 3: क्या मानव संपदा पे-रोल स्लिप बैंक लोन (Home/Car Loan) हेतु मान्य है?
उत्तर: जी हाँ, मानव संपदा पोर्टल (eHRMS) से डाउनलोड की गई डिजिटल हस्ताक्षरित पे-स्लिप सभी बैंकों में ऋण स्वीकृति हेतु पूर्णतः मान्य दस्तावेज़ है[cite: 5] [evidence: 3]।