📑 आयकर आगणन प्रपत्र एवं फॉर्म 16 (वित्तीय वर्ष 2026-27 / AY 2027-28)

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👤 कार्मिक व सेवा विवरण
📊 वेतन, ग्रेड पे, एरियर व अन्य आय विवरण (FY 2026-27)
💳 अग्रिम आयकर कटौती (Adv. IT) - मानव संपदा पे-स्लिप अनुसार
Mar-26
Apr-26
May-26
Jun-26
Jul-26
Aug-26
Sep-26
Oct-26
Nov-26
Dec-26
Jan-27
Feb-27
📋 आयकर छूट व कटौतियाँ (Deductions u/s 80C, 80U & Others)
वित्तीय वर्ष : 2026-27 आयकर आगणन प्रपत्र निर्धारण वर्ष : 2027-28
नाम - - पिता का नाम - - जन्म तिथि - 27/12/1995 लागू कर व्यवस्था - नई व्यवस्था (New)
लिंग - पुरुष (Male) पद - सहायक अध्यापक PAN NO. - - eHRMS Code - -
संस्थान / कार्यालय का नाम - - दिव्यांगता - नहीं (No) वरिष्ठ नागरिक - नहीं (No)
Month & Year Grade Pay Basic Pay D.A. HRA Other Gross Pay GIS Adv. IT
Total - ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0 ₹ 0
गणना - (01.04.2026 से 31.03.2027)
1. कुल वेतन आय (Gross Salary):₹ 0
2(a) मकान किराया से छूट (Sec 10):₹ 0
2(b) होम लोन ब्याज (Sec 24B):₹ 0
2(c) स्टैंडर्ड डिडक्शन:₹ 75,000
3. शेष वेतन आय (1 - 2):₹ 0
4. अन्य स्रोतों से आय (बैंक आदि):₹ 0
5. सकल आय (3 + 4):₹ 0
6(a) धारा 80C बचत छूट:₹ 0
6(b) धारा 80D (स्वास्थ्य बीमा):₹ 0
6(c) NPS 80CCD(1B):₹ 0
6(d) धारा 80U दिव्यांग छूट:₹ 0
6(e) अन्य अनुमन्य कटौती:₹ 0
7. कर योग्य आय (Taxable Income):₹ 0
आयकर स्लैब अनुसार आगणन:
स्लैब 1:₹ 0
स्लैब 2:₹ 0
स्लैब 3:₹ 0
8. कुल आयकर:₹ 0
9. धारा 87A रिबेट:₹ 0
10. आयकर (8 - 9):₹ 0
11. उपकर (Cess @ 4%):₹ 0
12. कुल देय आयकर (Gross Tax):₹ 0
13. घटाएं अग्रिम आयकर (Adv. IT):₹ 0
14. शुद्ध देय / प्रतिदेय आयकर (Refund):₹ 0
धारा 80C एवं अन्य बचत या कटौती
1. NPS 80CCD(1):₹ 0
2. GPF कटौती:₹ 0
3. सामूहिक बीमा (GIS):₹ 0
4. LIC प्रीमियम:₹ 0
5. NSC / PPF बचत (बोनस/एरियर सहित):₹ 0
6. ट्यूशन फीस (Tuition Fee):₹ 0
7. होम लोन मूलधन:₹ 0
8. सुकन्या समृद्धि योजना:₹ 0
कुल 80C कटौती (Max 1,50,000):₹ 0
अन्य बचत या कटौती विवरण
1. NPS 80CCD(1B) अतिरिक्त (Max 50k):₹ 0
2. धारा 80D (स्वास्थ्य बीमा):₹ 0
3. धारा 80U (दिव्यांगता छूट):₹ 0
4. अन्य अनुमन्य छूट (80E/80G आदि):₹ 0
* यह आगणन उत्तर प्रदेश सरकार के कार्मिकों हेतु 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के आयकर नियमों के अनुसार स्वतः तैयार किया गया है।

उत्तर प्रदेश शिक्षक एवं राज्य कर्मचारी आयकर आगणन विस्तृत मार्गदर्शिका (वित्तीय वर्ष 2026-27 / कर निर्धारण वर्ष 2027-28)

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों, लिपिक संवर्ग, लेखपालों एवं अन्य राज्य कर्मचारियों के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष के समापन पर आयकर आगणन प्रपत्र (Tax Computation Sheet) तैयार करना एक अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया है। यह प्रपत्र न केवल संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) / वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में जमा होता है, बल्कि आयकर विभाग में ऑनलाइन आयकर विवरणी (ITR-1 / Sahaj) दाखिल करने का प्राथमिक आधार भी बनता है [evidence: 1]।

वित्तीय वर्ष 2026-27 (कर निर्धारण वर्ष 2027-28) के दौरान केंद्रीय बजट के संशोधित प्रावधानों, उत्तर प्रदेश 7वें राज्य वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स, महंगाई भत्ता (DA) संशोधनों और एरियर के चक्र ने कर गणना को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है[cite: 3] [evidence: 1]। नीचे दी गई मार्गदर्शिका में कार्मिकों की सुविधा हेतु प्रत्येक चरण को विस्तार से समझाया गया है[cite: 3] [evidence: 1] [evidence: 2]।

1. वेतन चक्र एवं मूल वेतन निर्धारण (Salary Cycle & Basic Pay)

उत्तर प्रदेश सरकार के कार्मिकों हेतु वार्षिक वेतन आहरण का चक्र 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक कुल 12 महीनों का होता है[cite: 3]। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में मार्च 2026 (देय अप्रैल 2026) के वेतन को आधार माना जाता है[cite: 3] [evidence: 1]।

2. महंगाई भत्ता (DA) दरें, 4 माह का अंतर एवं एरियर गणित

वित्तीय वर्ष 2026-27 में महंगाई भत्ते का लेखांकन निम्नलिखित क्रम में संचालित होता है[cite: 3]:

3. दीपावली तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus ₹6,908) एवं निवेश मोड

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अराजपत्रित कर्मचारियों एवं परिषदीय अध्यापकों को प्रतिवर्ष निश्चित ₹6,908 का तदर्थ बोनस स्वीकृत किया जाता है[cite: 3]। शासनादेश के अनुसार इसके भुगतान के तीन विकल्प होते हैं[cite: 3]:

4. अन्य स्रोतों से आय (Income from Other Sources)

वेतनभोगी कर्मचारी केवल वेतन से ही आय अर्जित नहीं करते[cite: 3]। आयकर अधिनियम के तहत अन्य सभी आयों को प्रपत्र में घोषित करना अनिवार्य होता है[cite: 3]:

5. संशोधित नई कर व्यवस्था (Revised New Tax Regime - ₹12 लाख तक शून्य कर)

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत नई कर व्यवस्था डिफ़ॉल्ट व्यवस्था है[cite: 3]। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं[cite: 3]:

6. पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) एवं अनुमन्य कटौतियाँ

जिन कर्मचारियों ने भारी गृह ऋण (Home Loan) ले रखा है, बच्चों की ट्यूशन फीस जमा करते हैं तथा पीपीएफ/एनपीएस में बड़ा निवेश करते हैं, उनके लिए पुरानी कर व्यवस्था अभी भी अधिक लाभकारी हो सकती है[cite: 3]:

7. अग्रिम आयकर कटौती (Adv. IT / TDS) का अंतिम मिलान

विभाग द्वारा मानव संपदा पे-रोल के माध्यम से प्रत्येक माह काटे गए अग्रिम आयकर (Adv. IT) का योग कुल देय कर से घटाया जाता है[cite: 3]। यदि अग्रिम जमा कर कुल देय कर से अधिक है, तो अंतिम कॉलम में ऋणात्मक राशि (Refund) प्रदर्शित होती है, जिसे ITR फाइल करते समय आयकर विभाग से वापस प्राप्त किया जा सकता है[cite: 3] [evidence: 1] [evidence: 2] [evidence: 3]।

8. प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: क्या नई कर व्यवस्था में होम लोन ब्याज या 80C की छूट मिलती है?
उत्तर: नहीं, नई कर व्यवस्था में केवल ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है[cite: 3]। 80C, 80D, या होम लोन ब्याज की छूट केवल पुरानी कर व्यवस्था में ही अनुमन्य है[cite: 3] [evidence: 1] [evidence: 2] [evidence: 3]।

प्रश्न 2: मुझे कौन सी कर व्यवस्था चुननी चाहिए?
उत्तर: यदि आपकी कुल कटौती (80C + 80CCD + 24b ब्याज + 80D) मिलाकर ₹4,25,000 से अधिक बनती है, तभी पुरानी व्यवस्था फायदेमंद होती है; अन्यथा ₹12 लाख की सीमा तक नई कर व्यवस्था ही सबसे अधिक कर-मुक्त लाभ प्रदान करती है[cite: 3] [evidence: 1] [evidence: 2] [evidence: 3] [evidence: 5]।