📅 मासिक MDM पंजिका (Monthly Register)
मासिक खाद्यान्न उपभोग, परिवर्तन लागत व फल-पोषण संकलन पंजिका
मुद्रण सेटिंग्स
★ प्राथमिक (1-5) 100g/छात्र
| गेहूं कुल: | |
| चावल कुल: | |
| फल लाभार्थी (सोमवार): | |
| फल धनराशि (@₹4): | |
| कुल परिवर्तन लागत (PS): |
★ उच्च प्राथ. (6-8) 150g/छात्र
| गेहूं कुल: | |
| चावल कुल: | |
| फल लाभार्थी (सोमवार): | |
| फल धनराशि (@₹4): | |
| कुल परिवर्तन लागत (UPS): |
★ विद्यालय कुल योग (1-8)
| कुल गेहूं: | |
| कुल चावल: | |
| कुल फल लाभार्थी: | |
| कुल फल धनराशि (@₹4): | |
| विद्यालय कुल लागत: |
मासिक मध्याह्न भोजन (MDM) उपभोग व वितरण पंजिका
| MID DAY MEAL REGISTER | |||||||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दिनांक | दिन | प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) | उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) | ||||||||||
| छात्र | संचयी | गेहूं (kg) | चावल (kg) | फल | लागत (₹) | छात्र | संचयी | गेहूं (kg) | चावल (kg) | फल | लागत (₹) | ||
| मासिक कुल योग | - | - | |||||||||||
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा: PM POSHAN (मध्यान्ह भोजन) मासिक उपभोग पंजिका, परिवर्तन लागत लेखांकन एवं विधिक ऑडिट संधारण विस्तृत मार्गदर्शिका
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित समस्त परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं संविलियन (कम्पोजिट) विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN योजना - पूर्ववर्ती मध्याह्न भोजन योजना) के वित्तीय एवं भौतिक अभिलेखों का मासिक संधारण विद्यालयी प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण विधिक जवाबदेही है। प्रत्येक माह के अंत में आहरण-वितरण अधिकारी (DDO), खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय को प्रेषित किए जाने वाले मासिक उपभोग प्रमाण पत्र (Monthly Consumption Certificate - MPR) का सीधा आधार यह मासिक एमडीएम पंजिका ही होती है[cite: 6] [evidence: 11, 12, 13, 14]।
विद्यालय स्तर पर खाद्यान्न (गेहूं व चावल) के प्रारंभिक अवशेष (Opening Balance), मासिक उठान (Allotment Received), वास्तविक छात्र उपस्थिति के सापेक्ष कुल उपभोग (Total Consumption) तथा अंतिम अवशेष (Closing Balance) का किलोग्राम और ग्राम स्तर पर मिलान करना अनिवार्य होता है[cite: 6]। इसके अतिरिक्त, परिवर्तन लागत (Conversion Cost), रसोइया-सह-सहायक मानदेय, साप्ताहिक फल वितरण तथा शीतकालीन अनुपूरक पोषण की धनराशि का उपभोग विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के बैंक खाते की पासबुक से शत-प्रतिशत मेल खाना चाहिए[cite: 6]। प्रस्तुत मार्गदर्शिका में मासिक एमडीएम पंजिका के समस्त तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों का 1,200 से अधिक शब्दों में संपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है[cite: 6] [evidence: 11, 12, 13]।
1. मासिक खाद्यान्न उपभोग के विधिक मानक एवं दिनवार चक्र (Foodgrain Norms & Day-wise Distribution)
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय एवं मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश द्वारा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर हेतु प्रति छात्र दैनिक खाद्यान्न की मात्रा निर्धारित की गई है[cite: 6]:
| वर्ग / स्तर | दैनिक खाद्यान्न प्रति छात्र | गेहूं दिवस (सोमवार व गुरुवार) | चावल दिवस (मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार) |
|---|---|---|---|
| प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) | 100 ग्राम प्रति छात्र[cite: 6] | रोटी / गेहूं का आटा: 100 ग्राम[cite: 6] | चावल / तहरी / खिचड़ी: 100 ग्राम[cite: 6] |
| उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) | 150 ग्राम प्रति छात्र[cite: 6] | रोटी / गेहूं का आटा: 150 ग्राम[cite: 6] | चावल / तहरी / खिचड़ी: 150 ग्राम[cite: 6] |
गेहूं व चावल के परिकलन का नियम:
- गेहूं उपभोग दिवस: निर्धारित मेन्यू के अनुसार प्रत्येक सप्ताह में सोमवार तथा गुरुवार को गेहूं की रोटी पकाई जाती है[cite: 6]। अतः इन दोनों दिनों में उपस्थित प्राथमिक छात्रों की संख्या को 0.1 किग्रा तथा उच्च प्राथमिक छात्रों की संख्या को 0.15 किग्रा से गुणा करके गेहूं का उपभोग दर्ज किया जाता है[cite: 6]।
- चावल उपभोग दिवस: मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार तथा शनिवार को चावल, सब्जीयुक्त दाल अथवा तहरी का प्रावधान है[cite: 6]। इन चार दिवसों में प्राथमिक उपस्थिति को 0.1 किग्रा तथा उच्च प्राथमिक उपस्थिति को 0.15 किग्रा से गुणा करके चावल का दैनिक उपभोग निकाला जाता है[cite: 6]।
- रविवार एवं सार्वजनिक अवकाश: रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश रहता है, अतः उस दिन छात्र उपस्थिति शून्य तथा खाद्यान्न व लागत उपभोग शून्य दर्ज किया जाता है[cite: 6]। माह के अन्य राजपत्रित अवकाशों पर भी शून्य उपभोग दर्शाया जाता है[cite: 6] [evidence: 14]।
2. परिवर्तन लागत (Conversion Cost) की संरचना एवं मासिक संचयी व्यय
खाद्यान्न के अतिरिक्त भोजन तैयार करने हेतु आवश्यक सामग्री जैसे दाल, तेल, मसाले, मौसमी हरी सब्जियां, सोयाबीन बड़ी तथा ईंधन के क्रय हेतु शासन द्वारा छात्र संख्या के अनुपात में परिवर्तन लागत (कन्वर्जन कॉस्ट) सीधे विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के बैंक खाते में प्रेषित की जाती है[cite: 6]:
- वर्तमान परिवर्तन लागत दरें: समय-समय पर मुद्रास्फीति के दृष्टिगत दरों में संशोधन किया जाता है[cite: 6]। हमारे टूल में प्राथमिक स्तर हेतु मानक दर ₹6.78 प्रति छात्र तथा उच्च प्राथमिक स्तर हेतु ₹10.17 प्रति छात्र इनबिल्ट है, जिसे आवश्यकतानुसार परिवर्तित भी किया जा सकता है[cite: 6]।
- दैनिक लागत सूत्र:
दैनिक लागत = (प्राथमिक छात्र × प्राथमिक दर) + (उच्च प्राथमिक छात्र × उच्च प्राथमिक दर) + (फल लाभार्थी × फल दर) + (अतिरिक्त पोषण छात्र × पोषण दर)[cite: 6]। - संचयी उपस्थिति (Cumulative Attendance): माह की प्रत्येक तिथि को पिछले दिनों की कुल उपस्थिति में उस दिन की उपस्थिति जोड़कर संचयी योग निकाला जाता है, जिससे माह के किसी भी दिन तक कुल लाभान्वित छात्रों का सटीक विवरण उपलब्ध रहता है[cite: 6]।
3. विशेष अनुपूरक पोषण: फल एवं शीतकालीन पोषण का मासिक लेखांकन
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा मुख्य भोजन के अतिरिक्त विद्यार्थियों को कुपोषण से मुक्त करने हेतु विशेष अनुपूरक आहार की व्यवस्था की गई है, जिसका मासिक वित्तीय संधारण अलग से अनिवार्य है[cite: 6]:
- ताजा मौसमी फल वितरण (सोमवार): प्रत्येक सोमवार को भोजनोपरांत सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं को एक साबुत ताजा मौसमी फल दिया जाता है[cite: 6]। इसके लिए ₹4.00 प्रति छात्र की दर से पृथक वित्तीय आवंटन प्राप्त होता है[cite: 6]। मासिक रजिस्टर में माह के समस्त सोमवारों के कुल फल लाभार्थियों की संख्या और कुल व्यय धनराशि का पृथक कॉलम में योग निकाला जाता है[cite: 6]। यदि सोमवार को अवकाश होता है, तो फल वितरण अगले कार्यदिवस (मंगलवार) को संपन्न किया जाता है[cite: 6] [evidence: 15, 16]।
- शीतकालीन अतिरिक्त पोषण (नवंबर से फरवरी/मार्च): शीत ऋतु के चार महीनों (नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी) में प्रत्येक गुरुवार को विद्यार्थियों को ऊर्जा व गर्माहट प्रदान करने हेतु प्रति छात्र 50 ग्राम भुना चना तथा 20 ग्राम गुड़-तिल/मूंगफली की चिक्की का वितरण किया जाता है[cite: 6]। इसके लिए ₹5.00 प्रति छात्र की दर से बजट आवंटित होता है[cite: 6]।
4. मासिक खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर (Stock Register) मिलान प्रक्रिया
मासिक पंजिका पूर्ण होने के पश्चात विद्यालय के मुख्य खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर में निम्नलिखित चार-चरणीय समीकरण का मिलान करना अनिवार्य है[cite: 6]:
| लेखांकन चरण | गेहूं (Wheat) का परिकलन | चावल (Rice) का परिकलन | ऑडिट सत्यापन विधि |
|---|---|---|---|
| 1. प्रारंभिक अवशेष (Opening Balance) | विगत माह का अंतिम अवशेष गेहूं | विगत माह का अंतिम अवशेष चावल | विगत माह की एम०पी०आर० (MPR) से मिलान[cite: 6] [evidence: 11, 12] |
| 2. मासिक प्राप्त उठान (Allotment Received) | कोटेदार से प्राप्त कुल नया गेहूं | कोटेदार से प्राप्त कुल नया चावल | उचित दर विक्रेता की डिलीवरी चालान रसीद |
| 3. कुल मासिक उपभोग (Total Consumption) | मासिक पंजिका के फुटर का कुल योग[cite: 6] | मासिक पंजिका के फुटर का कुल योग[cite: 6] | दैनिक उपस्थिति × 100g / 150g[cite: 6] |
| 4. अंतिम अवशेष (Closing Balance) | (चरण 1 + चरण 2) - चरण 3 | (चरण 1 + चरण 2) - चरण 3 | भौतिक रूप से किचन शेड में तौलकर सत्यापन[cite: 6] |
5. आईवीआरएस (IVRS) एवं मासिक प्रगति रिपोर्ट (MPR) का एकीकरण
प्रतिदिन दर्ज की गई आईवीआरएस (Interactive Voice Response System) ऑटोमेटेड कॉल का मासिक योग और इस मासिक पंजिका के कुल योग में रत्ती भर भी विसंगति नहीं होनी चाहिए[cite: 6]:
- आईवीआरएस मासिक डाटा डाउनलोड: प्रेरणा पोर्टल अथवा एमडीएम IVRS पोर्टल से माह के अंत में विद्यालय की मासिक IVRS रिपोर्ट डाउनलोड की जाती है[cite: 6] [evidence: 17]।
- त्रुटि निवारण: यदि किसी दिन सर्वर त्रुटि के कारण IVRS पर छात्र संख्या गलत दर्ज हो गई हो, तो खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय को पत्र प्रेषित कर संशोधन कराया जाता है[cite: 6] [evidence: 18]।